PM Kusum Yojana 2026: प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान यानी PM-KUSUM योजना किसानों को सोलर पंप, कृषि पंपों के सोलराइजेशन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जोड़ने वाली केंद्र सरकार की योजना है। योजना के तहत अलग-अलग Components में किसानों और अन्य पात्र लाभार्थियों को केंद्रीय एवं राज्य सरकार की सहायता मिल सकती है।
Standalone solar agriculture pump के लिए सामान्य राज्यों में केंद्र की ओर से benchmark/tender cost का 30% तक CFA और राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30% subsidy का प्रावधान है, जबकि कुछ विशेष राज्यों/क्षेत्रों में केंद्रीय सहायता 50% तक है। योजना का implementation संबंधित State Implementing Agency के माध्यम से होता है।
पीएम कुसुम योजना 2026 की पूरी जानकारी
PM-KUSUM का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डीजल पर निर्भरता कम करना, किसानों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना और अतिरिक्त बिजली से आय का अवसर देना है। योजना में Component-A, Component-B और Component-C के तहत अलग-अलग प्रकार की सौर परियोजनाएं शामिल हैं।

| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान |
| Short Name | PM-KUSUM |
| मंत्रालय | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) |
| मुख्य लाभ | सोलर पंप/पंप सोलराइजेशन |
| Component-A | Grid Connected Solar Power Plants |
| Component-B | Standalone Solar Agriculture Pumps |
| Component-C | Grid Connected Agricultural Pumps का Solarisation |
| आवेदन | State Implementing Agency के माध्यम से |
| Official Portal | PM-KUSUM National Portal |
| हेल्पलाइन | 1800-180-3333 |
राष्ट्रीय पोर्टल पर अगस्त 2026 तक योजना की उपलब्धियों में Component-B के तहत 13,07,190 पंप sanctioned और 11,80,474 installed बताए गए हैं।
पीएम कुसुम योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
सोलर पंप के लिए मिलने वाली subsidy एक समान नहीं होती। यह Component, राज्य और लागू योजना दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित होती है।
Component-B में standalone solar agriculture pump के लिए सामान्य राज्यों में केंद्र सरकार की CFA benchmark cost या tender cost, जो कम हो, उसका 30% तक है। राज्य सरकार को कम से कम 30% subsidy देनी होती है और बाकी अधिकतम 40% किसान के हिस्से में आता है। बैंक finance मिलने पर किसान को शुरुआत में लगभग 10% राशि देने और बाकी हिस्से के लिए loan का विकल्प हो सकता है।
पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार जैसे विशेष क्षेत्रों में केंद्रीय सहायता 50% तक हो सकती है।
इसलिए किसी किसान को “90% subsidy” या “मुफ्त सोलर पंप” मिलने का दावा सामान्य नियम के रूप में सही नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक किसान अंशदान राज्य की tender cost, pump capacity और लागू subsidy के आधार पर तय होता है।
पीएम कुसुम योजना के Components क्या हैं?
Component-A: इसके तहत किसानों, किसान समूहों, FPO, पंचायतों, सहकारी समितियों आदि द्वारा 500 KW से 2 MW तक के grid-connected renewable energy plants लगाए जा सकते हैं। इससे बनने वाली बिजली संबंधित DISCOM द्वारा राज्य नियामक आयोग द्वारा निर्धारित tariff पर खरीदी जा सकती है।
Component-B: इसमें off-grid क्षेत्रों में standalone solar agriculture pumps लगाए जाते हैं। Individual farmers के लिए 7.5 HP तक के solar agriculture pumps के लिए सहायता का प्रावधान है।
Component-C: इसमें पहले से लगे grid-connected agricultural pumps को solarize किया जाता है। किसान सिंचाई के लिए solar electricity इस्तेमाल कर सकता है और अतिरिक्त बिजली DISCOM को बेचने का अवसर भी मिल सकता है।
पीएम कुसुम योजना 2026 में Registration कैसे करें?
PM-KUSUM के लिए पूरे देश में एक ही सामान्य किसान application form नहीं चलता। आवेदन संबंधित State Implementing Agency के माध्यम से किया जाता है। MNRE के अनुसार Component-B के लिए किसान State Implementing Agency से संपर्क कर सकता है या जहां online application उपलब्ध हो, वहां संबंधित state portal पर आवेदन कर सकता है।
सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
- सबसे पहले PM-KUSUM के official portal पर जाएं।
- अपने राज्य की implementing agency/portal की जानकारी देखें।
- अपने राज्य में उपलब्ध Component और application window check करें।
- पात्रता और required documents पढ़ें।
- State portal पर registration करें, यदि online आवेदन उपलब्ध है।
- Aadhaar, जमीन और कृषि पंप से संबंधित जानकारी भरें।
- आवश्यक documents upload करें।
- Application submit करके acknowledgement/reference number सुरक्षित रखें।
- आगे की प्रक्रिया और selection/status state portal से check करें।
ध्यान रखें कि registration window और उपलब्ध pump capacity राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
पीएम कुसुम योजना के लिए जरूरी Documents
आवेदन के समय राज्य की requirements के अनुसार documents मांगे जा सकते हैं। सामान्यतः किसान को ये documents तैयार रखने चाहिए:
- Aadhaar Card
- Mobile Number
- जमीन से संबंधित दस्तावेज
- बैंक खाते की जानकारी
- कृषि पंप/बिजली कनेक्शन से संबंधित जानकारी, जहां लागू हो
- Passport Size Photograph
- जाति प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
- अन्य राज्य-विशिष्ट documents
सटीक document list संबंधित State Implementing Agency के application form में देखनी चाहिए।
राज्यवार PM Kusum Portal कैसे देखें?
PM-KUSUM को केंद्र सरकार के MNRE की बजाय राज्य की designated implementing agencies के माध्यम से लागू किया जाता है। इसलिए किसी भी राज्य के किसान को अपने राज्य का official portal देखकर ही आवेदन करना चाहिए। राष्ट्रीय PM-KUSUM portal पर state-wise information और implementing agencies से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
उदाहरण के तौर पर राजस्थान के किसान को Rajasthan की संबंधित renewable energy/agriculture implementing agency द्वारा जारी official application window देखनी चाहिए। इसी तरह महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में प्रक्रिया अलग portal या विभाग के माध्यम से हो सकती है।
फर्जी वेबसाइट से सावधान रहें: MNRE ने PM-KUSUM के नाम पर चल रही fake websites और mobile applications को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है। किसानों से registration fee या pump cost के नाम पर फर्जी websites पर payment न करने की सलाह दी गई है।
महत्वपूर्ण लिंक
| महत्वपूर्ण लिंक | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| PM-KUSUM National Portal | PM-KUSUM Official Portal |
| PM-KUSUM Scheme Details | MNRE Official PM-KUSUM Page |
| राज्यवार जानकारी | PM-KUSUM Public Information |
| MNRE Official Website | MNRE Official Website |
| PM-KUSUM Helpline | 1800-180-3333 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
PM Kusum Yojana 2026 क्या है?
यह MNRE की योजना है, जिसके तहत कृषि क्षेत्र में solar pumps, existing agricultural pumps का solarisation और grid-connected solar power projects को बढ़ावा दिया जाता है।
PM Kusum Yojana में कितनी subsidy मिलती है?
Component-B में सामान्य राज्यों के लिए केंद्र की CFA benchmark/tender cost का 30% तक हो सकती है और राज्य सरकार की कम से कम 30% subsidy का प्रावधान है। विशेष क्षेत्रों में केंद्रीय सहायता 50% तक हो सकती है।
क्या सोलर पंप बिल्कुल मुफ्त मिलता है?
नहीं। किसान का हिस्सा भी होता है और वास्तविक राशि राज्य की subsidy, tender cost और pump capacity के अनुसार तय होती है।
क्या PM Kusum Registration पूरे भारत में एक ही वेबसाइट से होता है?
नहीं। योजना का implementation State Implementing Agency के माध्यम से होता है। इसलिए राज्य के official portal पर उपलब्ध application window देखना जरूरी है।
क्या 7.5 HP तक का सोलर पंप लगाया जा सकता है?
Component-B में individual farmers के लिए off-grid areas में 7.5 HP तक standalone solar agriculture pumps के लिए सहायता का प्रावधान है।
क्या PM Kusum Yojana के नाम पर online payment करना सुरक्षित है?
केवल official state/सरकारी portal पर ही payment करें। MNRE ने PM-KUSUM के नाम पर चल रही fake websites और apps से सावधान रहने को कहा है।
Disclaimer: PM-KUSUM में subsidy, पात्रता, pump capacity, application dates और किसान अंशदान राज्य तथा संबंधित Component के अनुसार अलग हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले अपने राज्य की आधिकारिक implementing agency और MNRE के official portal पर वर्तमान नियम जरूर जांचें।